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गाड़ी रेडियो प्रणाली

यह प्रणाली केंद्रीय नियंत्रण एवं चलती हुई गाड़ी के मोटरमैन के बीच मेट्रो की संपूर्ण लंबाई पर संचार उपलब्‍ध कराती है
सुरंग खंड में पारंपारिक एंटिना से फ्री स्पेस संचरण संभव नहीं है। संपूर्ण सुरंग की छत पर क्षरक कोएक्सियल केबल लगाया गया है जो एन्टिना के रूप में कार्य करता है। खंड में स्थित पांच रेडियो बेस स्टेशनों से इस केबल का संचालन होता है। केंद्रीय नियंत्रण से बेस स्टेशनों का संपर्क ऑप्टिकल फाइबर के द्वारा जुड़ा हुआ है। महानायक उत्तम कुमार - कवि नजरुल का नया खंड खुले स्थान पर है तथा दो रिपिटेटर के माध्यम से गाड़ी रेडियो संचार की सुविधा से युक्त हैं, जो क्रमश: महानायक उत्तम कुमार एवं मास्टर दा सूर्यसेन स्टेशनों पर अवस्थित हैं। खुले स्थानों में स्‍थित रिपीटेटर गाड़ी वाहित उपकरण को मौजूदा टेलटेक गाड़ी रेडियो प्रणाली से जोड़ती है।

मेट्रो रेलवे ने अब पूर्व रेलवे के मेन स्‍विचिंग सेंटर में भागीदारी करते हुए GSM-R तकनीकी उपलब्‍ध कराने की योजना बनाई है। इस उद्देश्‍य के लिए जीएसएम बैंड में एक नई लीकी केबल बिछायी जा रही है तथा अगले वर्ष के मध्‍य तक यह कार्य समाप्‍त हो जाने की आशा है।




Source : मेट्रो रेलवे कोलकता / भारतीय रेल का पोर्टल CMS Team Last Reviewed on: 23-05-2015